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जानें कि आने वाले समय में कैसे होंगे टॉप 10 गर्भनिरोधक तरीके

जानें कि आने वाले समय में कैसे होंगे टॉप 10 गर्भनिरोधक तरीके

यौन रूप से सक्रिय लोगों के लिए गर्भ को रोकने के लिए रंगीन कंडोम से लेकर आईयूडी जैसे अनेक गर्भ निरोधक तरीके उपलब्ध हैं। लेकिन ऐसे सभी तरीके ज्यादा लोकप्रिय नहीं हैं क्योंकि ये ‘यौन-आनंद’ को कम करते हैं। यही वजह है कि वैज्ञानिक गर्भनिरोध के नये, बेहतर और आसान तरीकों पर लगातार नये-नये शोध कर रहे हैं। इन्हीं रिसर्च के आधार पर हम यहां भविष्य में आने वाले 10 गर्भनिरोधकों के बारे में बता रहे हैं-


1. नेक्स्ट जेनरेशन डायफ्राम


डायफ्राम एक सॉफ्ट डोम (गुंबद) जैसा होता है जिसे सेक्स से पहले गर्भाशय ग्रीवा को ढकने के लिए योनि यानि वैजाइना में डाला जाता है। गर्भधारण से बेहतर बचाव के लिए एक ‘बफरजेल ड्यूट डायफ्राम’ बनाया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल प्रत्येक महिला कर पाएगी। पॉलियूरेथीन डोम बफरजेल से भरा होता है जो शुक्राणु और माइक्रोब्स दोनों को ही समाप्त कर देता है। एसआईएलसीएस डायफ्राम के लिए भी क्लिनिकल परीक्षण चल रहे हैं, जो एक सिलिकॉन रोधित गर्भनिरोधक होगा।  


2. घुलनशील गर्भनिरोधक इंप्लांट


महिलाओं द्वारा प्रयोग किया जाने वाला गर्भनिरोधक प्रत्यारोपण (Implant) अभी हाल ही में बाजार में आया है। छोटी-छोटी छड़ियों जैसे इन गर्भनिरोधकों को एक बार त्वचा के अंदर डाल देने के बाद यह वर्षों तक ऐसे हार्मोन्स छोड़ते हैं जो गर्भाशय ग्रीवा से निकलने वाले तरल को मोटा और अण्डोत्सर्ग को प्रतिबंधित कर गर्भधारण को रोकता है। यदि महिलाएं बच्चा चाहें, तो इस प्रत्यारोपण को निकाला जा सकता है। वैज्ञानिक एक ऐसे भावी प्रत्यारोपण पर भी काम कर रहे हैं जिसे निकालने के लिए सर्जरी कराने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।


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3. गर्मी आधारित गर्भनिरोधक


वैज्ञानिक पुरुषों के अंडकोष को गर्म करने के नए तरीके भी तलाश कर रहे हैं। शायद आपको पता ही होगा कि स्पर्म यानि शुक्राणुओं के उत्पादन पर गर्मी का विपरीत प्रभाव पड़ता है और इसी वजह से बहुत से देशों में थर्मल-आधारित गर्भ निरोधक तरीकों का परीक्षण किया जा रहा है। कुछ वैज्ञानिक इसी तरीके पर आधारित ख़ास ‘गर्भ निरोधक अंडरवियर’ भी विकसित कर रहे हैं। हालांकि इस गर्मी आधारित गर्भनिरोधक की सफलता के रास्ते में कैंसर और इंफेक्शन के खतरे जैसी कुछ बाधाएं आड़े आ रही हैं।


4. शुक्र वाहिका आधारित गर्भनिरोधक


लगता है कि गर्भनिरोधकों के भविष्य के लिए शुक्राणु यानि स्पर्म शहीद होने वाले हैं। वे अब शुक्र वाहिका (शुक्राणु के वृषण से लिंग पर जाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मार्ग) पर हमला कर रहे हैं। हालांकि पुरुष नसबंदी में शुक्र वाहिका को काट दिया जाता है। अभी क्लिनिकल परीक्षण के दौर से गुज़र रहा ऐसा ही एक तरीका है आरआईएसयूजी अथवा रिर्वसिबल इनहिबिशन ऑफ स्पर्म अंडर गाइडेंस। इसमें एक पालमर होता है जिसे अगर शुक्र वाहिका में रखा जाता है, तो यह शुक्राणुओं को मार देता है। पुरुष जब बच्चा चाहें, तो वे इसे बाहर निकाल सकते हैं।


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5. गर्भनिरोधक वैक्सीन


एक ऐसा चमत्कारिक इंजेक्शन विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं जो गर्भधारण को रोक सके। यह वैक्सीन मानवीय प्रजनन प्रणाली में निश्चित लक्ष्यों का चयन करेगी। इसका मूलभूत लक्ष्य पुरुषों में एफएसएच और महिलाओं में एचसीजी है। इस वैक्सीन का असर एक वर्ष तक रहेगा। अभी तक, गर्भनिरोधक वैक्सीन, जन्म नियंत्रण के प्रभावी तरीके के रूप में नहीं उभरा है। वैज्ञानिक इससे होने वाले ऑटो-प्रतिरक्षा विकारों और एलर्जी जैसे दुष्प्रभावों को लेकर भी चिंतित हैं।  


6. ड्राई ऑर्गैज़्म पिल्स


लंदन के किंग्स कॉलेज के डॉक्टरों ने पाया है कि रक्तचाप के लिए ली जाने वाली कुछ ख़ास दवाओं का गर्भनिरोधक प्रभाव भी होता है। ये पुरुष प्रजनन प्रणाली के माध्यम से शुक्राणु को गुज़ारने के लिए आवश्यक मांसपेशीय संकुचन को नहीं होने देती। इन दवाओं को लेने वाले पुरुष बिना वीर्य उत्पादन के कामोत्तेजना का आनंद ले सकते हैं। लेकिन लंबे समय के बाद, ये दवाएं बांझपन का कारण भी बन सकती हैं। इसलिए अब एक ऐसी गोली के विकास पर शोध किया जा रहा है जो सेक्स के तीन घण्टे के भीतर काम करना शुरू कर देगी और उसके बाद धीरे-धीरे निष्प्रभावी हो जाएगी।


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7. गर्भनिरोधक स्प्रे


स्प्रे के प्रति मनुष्यों के आकर्षण को जानते हुए, यह बिल्कुल भी आश्चर्यजनक नहीं है कि अब शोधकर्ता एक कान्ट्रसेप्टिव स्क्वर्ट बोतल विकसित कर रहे हैं। ये स्प्रे एक प्रकार के प्रोजेस्टोजन के साथ फीते से बंधा होता है। इसे रोज़मर्रा में बांह के अगले हिस्से पर लगाया जाता है जहां से यह रक्तवाहिकाओं से होकर गुज़रता है। इसके पीछे कारण दरअसल, महिलाओं को गर्भनिरोधक दवा की छोटी सी खुराक के साथ एक सुविधाजनक विकल्प प्रदान करना है। परीक्षणों में पाया गया है कि दवाओं के विपरीत स्प्रे के दुष्प्रभाव कम होते हैं।


8. करियर दवा


अमेरिकी वैज्ञानिक, डॉ रोजर गोस्डेन, महिलाओं के लिए एक ऐसी गर्भनिरोधक दवा विकसित कर रहे हैं जो गर्भधारण को रोक कर उन्हें अपने करियर में आगे बढ़ने में मदद कर सकें। जन्म नियंत्रक दवाएं आमतौर पर अण्डों के पकने की प्रक्रिया को बंद कर देती हैं। यह रिसर्च अभी भी एक टेस्टिंग फेज़ में है, लेकिन एक महत्वपूर्ण खोज का दावा करती है और ऐसा किसी भी दूसरे गर्भनिरोधक तरीके में नहीं किया गया है। इसने उन महत्वाकांक्षी महिलाओं को एक नई उम्मीद दी है जो हमेशा बच्चों के जन्म को लेकर दबाव में रहती हैं।


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9. जीन ब्लॉकर्स


हार्मोनल नियंत्रण पर भरोसा  करने वाले सामान्य गर्भनिरोधकों के दुष्प्रभाव होते हैं जैसे मितली या सिरदर्द, इसलिए गैर-हार्मोनल जन्म नियंत्रण के तरीकों पर भी शोध चल रहा है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में किए गए एक अध्ययन ने कैटस्पर नामक एक जीन की खोज की जो शुक्राणु द्वारा किये जाने वाले निषेचन को प्रभावित करता है। ऐसा जीन गर्भनिरोधक जन्म नियंत्रण के लिए खासा प्रभावी साबित हो सकता है।


10. मेल पिल


एक दवा जो पुरुषों द्वारा बड़े पैमाने पर छोड़े जाने वाली शुक्राणुओं की सेना को भी नियंत्रित कर सकती है। यह दवा सालों से एक व्यावहारिक जन्म नियंत्रण के विकल्प के रूप में अस्तित्व में है। इसके बावजूद, पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक दवाओं का विकास आज भी धीमा है। वैज्ञानिकों को पुरुषों के इस विचार से लड़ना पड़ा कि वो कभी भी हार्मोनल दवा का इस्तेमाल नहीं करेंगे। फिर इसमें एक बदलाव आया। इसके बाद अब पुरुष हार्मोनल गर्भनिरोधक तैयार है, जिसके लिए अमेरिका, यूरोप, व चीन में परीक्षण किये जा रहे हैं। जन्म नियंत्रण का यह तरीका शुक्राणु उत्पादन को रोकने के लिए टेस्टोस्टेरॉन और कई बार, प्रोजेस्टेरॉन का उपयोग करती है। यह हार्मोनल पुरुष गर्भनिरोधक पैच, जेल, प्रत्यारोपण और इंजेक्शन के रूप में भी उपलब्ध होंगे।


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Published on Oct 15, 2018
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