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जानें वैजाइनल इंफेक्शन से जुड़े अपने सभी सवालों के जवाब

जानें वैजाइनल इंफेक्शन से जुड़े अपने सभी सवालों के जवाब

योनि संक्रमण यानि वैजाइनल इंफेक्शन हर आयुवर्ग की महिलाओं को हो सकता है, लेकिन यह रिप्रोडक्टिव आयु वर्ग की महिलाओं में ज्यादा होता है। महिलाओं को अपनी वैजाइना की साफ- सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए लेकिन ज्यादातर महिलाएं इस ओर ध्यान नहीं देती या इस बारे में उन्हें जानकारी ही नहीं होती। वैजाइना यानि योनि में यीस्ट इंफेक्शन यानी वैजाइनल कैंडिडियासिस सबसे ज्यादा फैलने वाला इंफेक्शन है। आमतौर पर 4 में से 3 महिलाएं यीस्ट इंफेक्शन की शिकार होती हैं। यह भी देखा गया है कि करीब 75 फीसदी महिलाओं को अपने जीवन में कभी न कभी इससे रूबरू जरूर होना पड़ता है। बहुत- सी महिलाएं तो दो या इससे भी ज्यादा तरह के यीस्ट इंफेक्शन से भी ग्रस्त होती हैं।


1. क्यों होता है वैजाइनल इंफेक्शन ?


वैजाइना में इंफेक्शन की प्रमुख वजह बैक्टीरिया और यीस्ट में असंतुलन है। लेकिन और भी कई वजहों से यह इंफेक्शन हो सकता है। कई बार एंटीबायोटिक्स ज्यादा मात्रा में लेने से वैजाइना में मौजूद वो उपयोगी बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं जो रोगाणुओं का सफाया करते हैं या उन्हें ज्यादा नहीं पनपने देते।


शुगर यानि डायबिटीज से पीड़ित या गर्भवती महिलाओं की ऐसे इंफेक्शन से ग्रस्त होने की आशंका काफी ज्यादा हो जाती है, जिसकी वजह से वैजाइना का शुगर लेवल बढ़ जाता है और यीस्ट इंफेक्शन भी बढ़ने लगता है।


इसी तरह, गर्भ निरोधक गोलियां लेने से भी हार्मोन के स्तर में बढ़ोतरी होती है जो फंगस की ग्रोथ को बढ़ा सकता है।


स्टेराॅयड का सेवन, हार्मोन में बदलाव, रजिस्टेंस पावर यानि प्रतिरक्षा तंत्र का कमजोर होना भी वैजानिटिस के कारण हो सकते हैं।


2. क्या यह सेक्स से होता है ?


वैजाइना के ज्यादातर इंफेक्शन सेक्स से नहीं होते, लेकिन यह सेक्स से फैल सकते हैं। हालांकि जिस फंगस की वजह से यीस्ट इंफेक्शन होता है, वह मुंह और योनि/ जननांगों के संपर्क की वजह से भी फैल सकता है।


3. किन बातों से बढ़ता है वैजाइनल इंफेक्शन


एंटीबायोटिक का प्रयोग - यीस्ट इंफेक्शन उन महिलाओं में ज्यादा होते हैं जो एंटीबायोटिक्स का सेवन अधिक करती हैं। ब्राॅड स्पैक्ट्रम एंटीबायोटिक्स जो कि अनेक प्रकार के बैक्टीरिया को मारते हैं, आपकी योनि/ वैजाइना में मौजूद स्वस्थ बैक्टीरिया को भी खत्म कर देते हैं, परिणामस्वरूप यीस्ट इंफेक्शन की आशंका बढ़ जाती है।


एस्ट्रोजन लेवल में बढ़ोतरी - यीस्ट इंफेक्शन का खतरा उन महिलाओं को होने की आशंका ज्यादा रहती है जिनके शरीर में एस्ट्रोजन हॉरमोन का स्तर ज्यादा होता है। जैसे, गर्भवती महिलाएं, अधिक एस्ट्रोजन वाली गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करने वाली या फिर एस्ट्रोजन हार्मोन थेरेपी लेने वाली महिलाएं।


ज्यादा डायबिटीज़ वाली महिलाएं - जिन महिलाओं को डायबिटीज़ होती है, ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा होता है, उनमें कंट्रोल्ड डायबिटीज वाली महिलाओं के मुकाबले यीस्ट इंफेक्शन की आशंका ज्यादा होती है।


कमजोर रजिस्टेंस पावर - कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र यानि जिन महिलाओं की रजिस्टेंस पावर कमजोर होती है, जैसे वे जो काॅर्टिकाॅस्टेराॅयड थेरेपी या एचआईवी संक्रमण से ग्रस्त होती हैं, यीस्ट इंफेक्शन की आशंका ज्यादा होती है।


सेक्सुअली एक्टिव होना - हालांकि यीस्ट इंफेक्शन को यौन संक्रमित नहीं माना जाता है, लेकिन यह भी देखा गया है कि वैजाइना यानि योनि में कैंडीडा रोगाणु के प्रवेश का एक जरिया सेक्स यानि यौन संपर्क भी होता है।


4. कैसे पता लगे कि यह वैजाइनल इंफेक्शन है?


योनि संक्रमण यानि वैजाइना के इंफेक्शन में आमतौर पर सफेद पानी आना, वैजाइना से बदबू, खुजली, जलन, बहुत ज्यादा पेशाब आना और इंटरकोर्स के दौरान दर्द की शिकायत रहती है। महिलाओं को फिजियोलाॅजिकल डब्ल्यूडीपीवी और एबनॉर्मल डब्ल्यूडीपीवी में फर्क को समझना चाहिए। सामान्य डब्ल्यूडीपीवी में रंगहीन स्राव यानि पानी आना आम है जो कि आमतौर पर पीरियड्स से पहले और बाद में तथा अंडस्राव के समय दिखाई देता है।


5. कितनी तरह का होता है वैजाइनल इंफेक्शन ?


बैक्टीरियल वैजाइनाॅसिसः धूसर रंग का स्राव होना जिससे बदबू आती है।


कैंडिडियासिसः गाढ़ा श्वेत स्राव होना। वैजाइना के आसपास दर्द का अहसास।


ट्राइकाॅमनियासिसः पीला हरा, बदबूदार, झागदार पानी आना।


गनोरियाः मवादयुक्त पीला पानी आना और पेशाब करते हुए दर्द, पीरियड्स के बाद भी खून आना।


जेनाइटल हरपीसः वैजाइना के आसपास बेहद दर्द वाला अल्सर।


जेनाइटल वार्ट्सः वैजाइना पर छोटे आकार की गांठें।


6. वैजाइनल इंफेक्शन का इलाज कैसे होगा?


आमतौर पर सामान्य उपचार प्रभावी होता है, बशर्ते यीस्ट इंफेक्शन बार- बार न हो। अगर यह इंफेक्शन साल में चार से पांच बार होता है तो आपको लंबे समय के लिए इलाज कराने और इंफेक्शन दोबारा न लौटे, इसका ख्याल रखना होता है। इसके लिए आपके डाॅक्टर आपका खास इलाज करेंगे। ऐसे में इलाज के दौरान आपके पार्टनर का इलाज कराना भी जरूरी होगा, क्योंकि योनि के कुछ गंभीर इंफेक्शन सेक्स से भी फैलते हैं।


इसके अलावा भी अगर आपको लगता है कि इंफेक्शन काफी गंभीर है और आपको पेशाब के वक्त या रोज़ की गतिविधियों के दौरान परेशानी हो रही है तो अपनी गाइनीकोलाॅजिस्ट से मिलें। इंफेक्शन होने पर डाॅक्टरी सलाह लेने में देरी न करें क्योंकि इसकी वजह से वैजाइना में काफी परेशानी पैदा हो सकती है।


7. वैजाइनल इंफेक्शन न हो, इसके लिए क्या- क्या करना होगा?


जननांगों की साफ- सफाई बनाए रखें


ज्यादा कसे कपड़े न पहनें


इनर वियर यानि अंडर गारमेंट्स कॉटन के हों


वैजाइना में साबुन का इस्तेमाल न करें


वैजाइना को हमेशा साफ पानी से धोएं


वैजाइनल डाउच का इस्तेमाल न करें


पीरियड्स के दौरान सैनिटरी पैड जल्दी- जल्दी बदलें।


संतुलित, पोषक डाइट लें


अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें


जैसे ही इंफेक्शन शुरू हो, उसका इलाज करें ताकि वैजाइना की समस्या ज्यादा न बढ़ने पाए। वैजाइना की साफ- सफाई रखना आपकी रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। ऐसा करने से इंफेक्शन होने का खतरा कम होता है और आप हेल्दी रहते है।


(डाॅ अनु श्रीधर, कंसल्टैंट आॅब्सटैट्रिक्स एवं गाइनीकोलाॅजिस्ट, फोर्टिस अस्पताल, बनेरघट्टा रोड, बेंगलुरु से बातचीत के आधार पर)


इन्हें भी देखें-





Published on Feb 23, 2018
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