नाइट शिफ्ट में काम करने से बढ़ता है कैंसर का खतरा | POPxo Hindi | POPxo
Pia
cross
Book a cab
Order food
View your horoscope
Gulabo - your period tracker
Show latest feed
हिंदी
Filter Icon   I want to see
Filter Icon   I want to see
Select your filters
Clear all filters
×
Categories
  • All
  • Fashion
  • Beauty
  • Wedding
  • Lifestyle
  • Food
  • Relationships
  • Work
  • Sex
Quick Actions
  • All
  • Story
  • Video
  • Shop
  • Question
  • Poll
  • Meme
Apply
Home >; Lifestyle >; Entertainment
आप भी नाइट शिफ्ट में काम करती हैं तो जान लें कि इससे बढ़ सकता है कैंसर का खतरा

आप भी नाइट शिफ्ट में काम करती हैं तो जान लें कि इससे बढ़ सकता है कैंसर का खतरा

आजकल जिस तरह महिलाओं का कामकाजी होना आम हो गया है, उसी तरह से महिलाओं के लाइफस्टाइल में नाइट शिफ्ट की ड्यूटी भी काफी कॉमन बात हो गई है, लेकिन एक स्टडी में कुछ ऐसा खुलासा हुआ है, जिससे महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट करना उनकी हेल्थ के साथ खिलवाड़ करने के समान हो गया है। इस ताजा स्टडी के अनुसार नाइट शिफ्ट महिलाओं में कैंसर का खतरा बढ़ाती है। चीन के चेंगदु स्थित सिचुआन विश्वविद्यालय के वेस्ट चाइना मेडिकल सेंटर में हुई इस स्टडी के सह-लेखक लेखक जुएली मा ने कहा कि यह जानने के बाद कि दुनिया भर में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे ज्यादा होता है, शोधकर्ताओं ने नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के खतरे पर अध्ययन किया।


इस स्टडी में नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया व एशिया के 114,628 केस पर स्टडी करने पर पाया गया कि लंबे समय तक नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं में कैंसर होने की आशंका अधिक हो जाती है।


इस स्टडी के अनुसार लंबे समय तक नाइट शिफ्ट करने वाली कामकाजी महिलाओं में 11 तरह के कैंसर हो सकते हैं और ऐसी महिलाओं में कैंसर का खतरा 19 प्रतिशत अधिक होता है।


इस स्टडी में पता चला कि सामान्य महिलाओं को 41 फीसदी स्किन कैंसर, 32 प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर, 18 प्रतिशत गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर होता है, जबकि नाइट शिफ्ट करने वाली महिलाओं में सर्वाधिक खतरा ब्रेस्ट कैंसर का होता है। इनमें 58 प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर, 35 प्रतिशत गेस्ट्रो व 28 प्रतिशत लंग कैंसरा का खतरा है। खासतौर पर नाइट शिफ्ट करने वाली नर्स के लिए यह खतरा सबसे ज्यादा है।


Night Shilfs and Cancer Risk1


यह अध्ययन कैंसर एपिडेमियोलॉजी, बॉयोमार्कर एंड प्रीवेंशन पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।


Images- Pexels


इसे भी देखें-

Subscribe to POPxoTV
Published on Jan 9, 2018
Like button
3 Likes
Save Button Save
Share Button
Share
Read More

Your Feed