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#MyStory: दूरियों ने हमारा प्यार और बढ़ा दिया...

मैं करन से स्कूल में मिली थी। हम दोस्त बन गए थे और जब भी मुझे कुछ भी मज़ा करना होता था तो वो हमेशा हाज़िर होता था। हम स्कूल के बाद भी hang-out करते थे, अपनी best friend अनन्या के साथ।

बहरहाल, समय बीतता गया और हम अपनी पढ़ाई पर ज़्यादा ध्यान देने लगे और एक दूसरे के साथ कम टाइम बिताने लगे। हम कभी-कभी contact में रहते थे।

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पर किस्मत ने हमें अलग नहीं होने दिया। हमारे लिए कुछ और ही planned था। अनन्या के साथ हुए एक बड़े झगड़े के कारण वो मेरे पास आ गया था। अनन्या और मैं बात नहीं करते थे क्योंकि करन ने मेरी side ली थीऔर मुझे support किया था। करन और मैं best friends बन गए थे। जब भी मुझे उसकी  ज़रुरत होती थी तो वो हमेशा मेरे साथ होता था और जब उसे मेरी ज़रुरत होती थी तो मैं उसके साथ।

हमने रोज़ बातें करना शुरु कर दिया, अपनी feelings शेयर करते थे, पूरे दिन की details एकदूसरे को देते थे। वो मेरा पहला "guy” friend था, जिसे मैं पूरे दिल से trust कर सकती थी।

थोड़ा वक्त और बीत गया और हमारा स्कूल खत्म हो गया, हम कॉलेज पहुंच गए थे। हमारी intimacy बढ़ गई थी और हमारे पास बात करने के लिए बहुत कुछ होता था। सब बहुत अच्छा चल रहा था कि एक दिन उसने मुझे अपने 2 महीने के कॉलेज प्रोग्राम के लिए Singapore जाने के प्लान के बारे में बताया।

हम दोनों उसके उस ट्रिप के लिए बहुत excited थे...पर धीरे-धीरे मुझे बेचैनी फील होने लगी। मुझे अच्छा नहीं लग रहा था कि वो मेरे आस-पास नहीं होगा।

दिन बीते जा रहे थे। एक दिन उसने मुझे अपनी फ्लाइट confirm होने के बारे में बताया। मुझे शॉक लगा। मुझे अपने पैरों के नीचे की ज़मीन महसूस नहीं हो रही थी।

मेरी एक दोस्त ने कहा था की कुछ लोग एक दुआ की तरह तुम्हारी ज़िन्दगी में आते हैं और तुम्हें उन्हें कभी नहीं जाने देना चाहिए।

उस दिन वो मुझे मेरे कॉलेज से घर पर drop करने आया और हम उसके ट्रिप के प्लान discuss कर रहे थे। इससे मुझे realise  हुआ कि मैं उसे जाने देना नहीं चाहती थी।

उस रात फोन पर चली एक नॉर्मल सी बातचीत एक झगड़े में बदल गई।

मेरे रोने और confusion के बीच उसने कहा, "अगर ये सब तुम्हें उदास कर रहा है तो मैं नहीं जाऊंगा।" मेरे दिल की धड़कनें रुक गई थीं जब मैंने उसे "I Love You”  कहते सुना। मुझे पता नहीं लगा कि मैं क्या कहूं। मैंने सोचा कि मैं उसे प्यार नहीं करती थी पर मैं उसे जाने देना भी नहीं चाहती थी। मैं अपनी सालों पुरानी दोस्ती को प्यार में पड़कर खराब नहीं करना चाहती थी।

मैं उसे ना कहकर मना करने वाली थी कि हम अच्छे दोस्त ही ठीक हैं, उसने कहा, "मुझे तुम्हारा हर decision accept है, पर याद रखना कि अगर तुमने हां कहा तो मैं हमेशा यहीं रहुंगा। पर अगर ना कहा, तो मैं यहां रुक नहीं पाऊंगा और तुम्हारी ज़िंदगी से हमेश-हमेशा के लिए चला जाऊंगा।" उसे उसका जवाब तभी चाहिए था।

मैं उसे जाने नहीं दे सकती थी। मैं ना नहीं कह सकी। मैं सोचती थी कि मैं उसे प्यार नहीं करती थी पर मेरे मुंह से हां ही निकला और उसकी खुशी का पता मुझे फोन पर ही चल गया था।

अब वो दिन भी आया जब उसे Singapore के लिए निकलना था और मेरा रोना बंद नहीं हो रहा था।

पर ये दूरी हमें और भी करीब ले आई थी।

जब वो मुझसे दूर था- मैं उसे रोज़ देख नहीं सकती थी, उसे गले नहीं लगा सकती थी- मुझे realise हुआ कि हां मैं उससे प्यार करती थी। पर मानने से डरती थी  कि  कहीं  हमारी दोस्ती खराब ना हो जाए।

आज मैं बहुत खुश हूं। हम दोनों बहुत खुश हैं। हमारा प्यार हर दिन के साथ बढ़ता जा रहा है। अब तो मैं भी कहती हूं कि एक लड़का और एक लड़की कभी दोस्त नहीं हो सकते।

लाईफ बहुत सुन्दर सफर है, बस इसे एक मौका देने की ज़रुरत है। मैं नहीं जानती कि भविष्य में क्या छुपा है हमारे लिए। बस इसना जानती हूं कि मैं उसकी हूं, और वो मेरा है। Forever!

Image: Shutterstock.com

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Published on May 12, 2016
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