#MyStory : हर रिश्ते की Happy Ending हो..ज़रूरी नहीं! | POPxo

#MyStory : हर रिश्ते की Happy Ending हो..ज़रूरी नहीं!

Anonymous

Guest Contributor

क्या सच में सच्चे प्यार में कोई सीमा नहीं होती? मैं इसका जवाब हां में ही चाहती हूं लेकिन मेरा experience मुझे ऐसा नहीं सोचने दे रहा है। ऐसा नहीं है कि दो अलग अलग कम्युनिटी के लोगों के बीच हुआ प्यार कभी सफल न हुआ हो...हमारे सामने ऐसे बहुत से examples हैं लेकिन शायद ये तभी हो सकता है जब उन दोनों के बीच का रिश्ता बहुत मजबूत हो, इतना मजबूत कि अपने प्यार के लिए किसी भी हद तक जा सकता हो। यही है मेरी कहानी- एक कैथोलिक लड़की और पारसी लड़के के प्यार की कहानी।

पांच साल पहले की बात है। मैं साउथ मुंबई के सबसे पुराने कालेज में पढ़ने गई। मैं अपनी जिंदगी की शुरूआत कर रही थी और जीवन में कुछ बड़ा करना चाहती थी। मैं पूरी तरह से अपनी पढ़ाई में लगी हुई थी, कालेज की हर एक्टिविटी में भाग लेती थी, दूसरे स्टूडेंट्स के साथ अच्छी तरह रहती थी...कालेज के पहले ही साल मैंने अपनी एक पहचान बना ली थी। उस वक्त प्यार और रिलेशनशिप के बारे में मैं दूर दूर तक सोच भी नहीं रही थी। लेकिन ज़िंदगी हमेशा हमारे प्लान के मुताबिक तो नहीं चलती।

उसी साल एक दिन मेरा सामना एक लड़के से हुआ...जिसकी reputation कालेज में एक “bad boy” की थी। ये उस तरह का लड़का था जिसके साथ लड़की अगर डेट करती भी है तो ये सोचकर कि एक दिन उसका प्यार उसे बदलकर एक अच्छा लड़का बना देगा। उसमें कुछ बात थी...कुछ ऐसा था जिसे ignore नहीं किया जा सकता था। मेरी कई फ्रेंड्स ने मुझसे कहा था, “तुम इस लड़के को डेट क्यों कर रही हो...ये अच्छा नहीं है..” और मैं उनसे कहती, “सबको एक चांस तो मिलना ही चाहिए।” तो मैंने उसे वो चांस दिया। मैं बहुत धीरे धीरे आगे बढ़ रही थी लेकिन मैं दिल से चाहती थी कि वो मेरे लिए वही खास हो जिसका इंतजार हर लड़की को होता है।

 

happy ending, #MyStory : हर रिश्ते की Happy Ending हो..ज़रूरी नहीं! | POPxo, #MyStory

उसकी इमेज भले ही कालेज में अच्छी नहीं थी लेकिन मैं जब भी उसके साथ होती थी खुद को सुरक्षित महसूस करती थी, मुझे अच्छा लगता था। वो मुझे बहुत अच्छी तरह समझता था..मेरे बिना कुछ कहे ही वो मेरी बात समझ जाता था। वो मुझे हिम्मत देता था और इसीलिए मैंने उसे अपना सब कुछ मान लिया था। हम दोनों का रिश्ता बहुत गहरा था जिसे कोई और समझ ही नहीं सकता था।

हमारा दिन सुबह साढ़े सात बजे की लिटरेचर क्लास से शुरू होता था। हम दोनों एक ही क्लास में थे। वो पढ़ने में बहुत अच्छा नहीं था लेकिन उसकी जनरल नॉलेज बहुत अच्छी थी। इससे बहस में जीत पाना मुश्किल था। वो मेरा soulmate था र रा competitor competitor भी- और हम दोनों एक साथ आगे बढ़ रहे थे। क्लास के बाद हम उसके घर जाते, फिल्म देखते, कुछ खाते, बातें करते। वो इस बात की बिल्कुल परवाह न करता कि मैं कैसी लग रही हूं..चाहे मेरे बाल खराब हो, मैंने पजामा पहना हो या मेकअप न किया हो..उसे किसी बात से फर्क नहीं पड़ता था। मैं जैसी थी वो मुझसे वैसे ही प्यार करता था। मुझे ये जानकर अच्छा लग रहा था कि उस bad-boy की इमेज के पीछे एक बहुत ही सुलझा हुआ इंसान है।

सब कुछ ठीक चल रहा था...जब तक उसके मम्मी-पापा बीच में नहीं आए। उन्हें मैं अच्छी लगी लेकिन बस उन्हें इस बात से problem थी कि मैं पारसी नहीं थी। वो किसी हाल में एक गैर-पारसी लड़की को accept नहीं कर सकते थे। मुझे ये बात सोच-सोचकर बुरा लग रहा था कि एक दिन वो किसी और का हो जाएगा। उसने मुझे यकीन दिलाया कि वो मेरा साथ कभी नहीं छोड़ेगा और एक दिन मेरे बारे में अपनी फैमिली की सोच बदल देगा...लेकिन वो दिन कभी नहीं आया।

हमारे फाइनल exams चल रहे थे, एक दिन अचानक उसने फोन किया और बिना कुछ बताए बस ब्रेकअप कर लिया।

मैं shock रह गई!! इस तरह फोन पर कौन रिश्ता खत्म करता है?? मुझे समझ नहीं आ रहा था कि खुद को कैसे संभालूं...मेरी दोस्तों ने भी इस बारे में कुछ नहीं कहा...मैंने उसे दोस्तों से ऊपर रखकर जो चुना था। आगे का एक महीना मेरे लिए हर पाल जीना दूभर हो गया। ना मैं सो पाती थी, ना कुछ खा पाती थी..वो हमेशा मेरे दिमाग में रहता था। मैं मुश्किल से अपने चेहरे पर कोई भाव नहीं आने देती थी...वो जब भी सामने आता मैं नार्मल दिखने की कोशिश करती थी।

happy ending 2, #MyStory : हर रिश्ते की Happy Ending हो..ज़रूरी नहीं! | POPxo, #MyStory

Exams के बाद हमारी राह एकदम ही अलग हो गई। ना कोई कॉल, न मैसेज। तीन महीने बाद मुझे अपनी एक दोस्त से पता चला कि वो किसी लड़की को डेट कर रहा था, जिसे उसके parents ने उसके लिए चुना था। ये सुनते ही मेरे मन में सैकड़ों सवाल आने लगे, “उसने मुझे पहले क्यों नहीं बताया?” “कहीं वो एक साथ मुझे और उसे एक साथ तो डेट नहीं कर रहा था?” और भी पता नहीं क्या-क्या..लेकिन मैंने खुद को समझा लिया था। मुझे अब कोई explanation नहीं चाहिए थी। मैं आगे बढ़ चुकी थी..बिना पीछे देखे।

उसने मुझे कई बार बाद में भी मैसेज भेजे...बस बातचीत शुरू करने के लिए शायद। लेकिन मैंने हमेशा ignore कर दिया। मैं ईमानदारी में भरोसा करती हूं और वो ऐसा इंसान नहीं था जो ये समझ पाता। बल्कि उसने मेरे साथ जो किया उसकी वजह से मैं एक मजबूत इंसान बन पाई। मैं अब किसी पर आसानी से भरोसा नहीं करती। मुझे आज भी प्यार पर भरोसा है लेकिन मुझे कोई जल्दी नहीं है। बस खुद से वादा किया है कि अब जो भी मेरी ज़िंदगी में आएगा उसे मैं इतना प्यार दूंगी कि वो खुद को दुनिया का सबसे खुशकिस्मत इंसान समझेगा।

images: shutterstock

यह भी पढ़ें :#MyStory: डॉक्टर की वो Visit और मेरे Boyfriend का सच

 यह भी पढ़ें : #MyStory: और हम Lovers से फिर अजनबी बन गए…
Published on Mar 15, 2016
Sign in to read more
home messages notifications search hamburger menu
POPxo uses cookies to ensure you get the best experience on our website More info

Discuss things safely!

Sign in to POPxo World

India’s largest platform for women

Start a poll Ask a question